English Poetry

I Write Because

I write because

When I put pen to paper

I can be a tree’s trembling heart

When an axe is about to hit it

Or a dog’s warm heart

When his Papa returns every night

I can be my old man’s weak heart

Living his last days

Or a little girl’s cheerful one

When she sings in the shower

I can be an artist’s burning heart

Trying to change the world

Or an athlete’s racing heart

Trying to win the world

I write because

I can be all heart

And nothing more

Hindi Poetry

जान और संसद

एक आदमी
जान से मर रहा है
एक आदमी जान बचा रहा है
एक तीसरा आदमी भी है
जो ना जान बचाता है, ना कोशिश करता है
वह सिर्फ़ दूसरों की जान से खेलता है
मैं पूछता हूँ–
‘यह तीसरा आदमी कौन है ?’
मेरे देश की संसद मौन है।

  • धूमिल की कविता रोटी और संसद से प्रेरित
Hindi Poetry

सवाल करते रहो

कुछ साल पहले
शायद इमर्जेंसी के समय
मेरे पापा कुछ १५ साल के रहे होंगे
तब उनके एक दोस्त ने उन्हें एक कविता पढ़ने को दी
ओम प्रकाश वाल्मीकि की
मगर जैसे ही दादा ने देखा उन्होंने वह फट से छीन ली
और कूड़े में फेंक दी
और कहा यह सब मत पढ़ा कर
चल रामायण पढ़
उसमें भी तो राम शबरी के झूठे जामुन खाते हैं
देख कितने निष्पक्ष हैं वो
खैर वो कविता एक कूड़ा बिनने वाले को मिली
वो भी करीब करीब मेरे पापा जितना ही था
उस बच्चे को एक भला आदमी
शायद बुद्ध का अनुयायी
रात को पढ़ाता था
उस बच्चे ने यह कविता को अपने घर की दीवार पर लगा लिया
ना जाने कितने घर टूटे,
कितने जले
कितनी बार उसने रिजर्वेशन की लड़ाईयों में
इसे पढ़ा
अंधी सरकारें और अंधी होती गई
गूंगे बहरे लोगों ने अपने दोनों कान
नोटों की गड्डी से भर लिए
मगर सब लड़ाइयों में उसका एक ही हथियार था
वह कविता
एक दिन ऐसा आया
की वो बच्चा एक प्रोफेसर बना
और मैं उनसे पढ़ने गया
उन्होंने कहा रामायण भी पढ़ो
ओम प्रकाश वाल्मीकि भी
दोनों में जो अच्छी सीख है वो लो
और सवाल करते रहो
वह नेता जिन्हें तुम राम का स्वरूप मानते हो
दलितों के घर खाना खाकर,
अख़बार के लिए फोटो खिंचाकर
खुदपर गंगाजल क्यों छिड़कता है?